विचार

विनोद खन्ना- अभिनेता से राजनीती एवम आध्यात्मिक तक का सफर!

मल्टीस्टारर फिल्मों से विनोद को कभी परहेज नहीं रहा और वे उस दौर के स्टार्स अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना, सुनील दत्त आदि के साथ फिल्में करते रहे. अमिताभ बच्चन और विनोद खन्ना की जोड़ी को दर्शकों ने काफी पसंद किया।

Photo: Google

हॉस्पिटल से वायरल हुई उनकी फोटो को देखकर उनकी तेजी से गिरती सेहत का अंदाजा लगाया जा सकता था. उनकी तस्वीर सामने आने के बाद से ही उनके फैन्स काफी दुखी थे. आखिर सबसे स्मार्ट और डैशिंग हीरो की हालत ऐसे कैसे हो गई. अचानक ऐसी तस्वीर आना लोगों के लिए किसी शॉक से कम नहीं था.

70-80 के दशक में वो एक ऐसे हीरो थे, जिनकी जोड़ी अमिताभ बच्चन के साथ खूब जमती थी. लोगों का मानना है कि अगर वो फिल्म से संन्यास न लेते तो अमिताभ बच्चन से भी आगे निकल जाते. लेकिन वो ग्लैमर जगत को छोड़कर संन्यासी बन गए. आचार्य रजनीश ओशो ने उनका नाम- सेक्सी संन्यासी रखा था.विनोद खन्ना के पिता नहीं चाहते थे कि उनका बेटा फिल्मों में जाए. यहां तक कि उन्होंने विनोद पर बंदूक तान दी थी. लेकिन उनकी मां चाहती थीं कि फिल्मों में जाएं. जिसके बाद जिद के आगे वे झुके और उन्होंने दो साल का समय विनोद को दिया. विनोद ने इन दो सालों में मेहनत कर फिल्म इंडस्ट्री में जगह बना ली.

कॉलेज के दिनों में वो थिएटर किया करते थे. उस वक्त उनकी मुलाकात गीतांजलि से हुई. जिसके बाद उन्होंने शादी कर ली. कॉलेज के दिनों में ही उनकी लव स्टोरी शुरू हुई थी. जिसके बाद उनका गीताजंलि से तलाक होने के बाद 1990 में उन्होंने कवीता से दूसरी शादी की.

मल्टीस्टारर फिल्मों से विनोद को कभी परहेज नहीं रहा और वे उस दौर के स्टार्स अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना, सुनील दत्त आदि के साथ फिल्में करते रहे. अमिताभ बच्चन और विनोद खन्ना की जोड़ी को दर्शकों ने काफी पसंद किया। हेराफेरी, खून पसीना, अमर अकबर एंथोनी, मुकद्दर का सिकंदर ब्लॉकबस्टर साबित हुईं. एक समय ऐसा आया जब अमिताभ और विनोद खन्ना के बीच बॉलीवुड में नंबर वन बनने की जंग शुरू हुई. लेकिन उसी वक्त विनोद खन्ना ने अचानक ऐसा फैसला लिया कि फिल्म इंडस्ट्री में हड़कंप मच गया. विनोद अपने आध्यात्मिक गुरु रजनीश (ओशो) की शरण में चले गए और ग्लैमर की दुनिया को उन्होंने बाय-बाय कह दिया.

एक समय था जब फैमिली को वक्त देने के लिए विनोद संडे काम नहीं करते थे. ऐसा करने वाले वो शशि कपूर के बाद दूसरे एक्टर थे, लेकिन ओशो से प्रभावित होकर उन्होंने अपना पारिवारिक जीवन तबाह कर लिया था. विनोद अक्सर पुणे में ओशो के आश्रम जाते थे. यहां तक कि उन्होंने अपने कई शूटिंग शेड्यूल भी पुणे में ही रखवाए. दिसंबर, 1975 में विनोद ने जब फिल्मों से संन्यास का फैसला लिया तो सभी चौंक गए थे. बाद में विनोद अमेरिका चले गए और ओशो के साथ करीब 5 साल गुजारे. वो वहां उनके माली थे.ओशो से जुड़ने के बाद सैकड़ों जोड़ी सूट, कपड़े, जूते और अन्य लग्जरी सामान को लोगों में बांट दिया. दरहसल, ओशो से जुड़ने के बाद उनका संसारिक सुख से मोह भंग हो गया था. उन्हें फकीर में मजा आने लगा था. यही वजह है कि इसके बाद वे पहले गेरुआ और बाद में आश्रम द्वारा निर्धारित मरून चोगा पहनने लगे.

एक वाकया है जो विनोद खन्ना को लेकर काफी प्रसिद्ध है. जिसे हर कोई सुनकर हंस देता है. एक फिल्म में डिंपल कपाड़िया के साथ इंटीमेट सीन की शूटिंग के दौरान विनोद खन्ना खुद पर काबू नहीं रख पाए थे. फिल्म 'प्रेम धरम' की शूटिंग के दौरान एक इंटीमेट सीन में विनोद खन्ना को डिंपल को किस करना था. सीन की शूटिंग के दौरान विनोद खुद पर काबू नहीं रख सके और कट बोलने के बावजूद काफी देर तक डिंपल को किस करते रहे. इस वाकये से डिंपल शॉक्ड रह गई थीं. बाद में इस घटना के लिए डायरेक्टर महेश भट्ट को माफी मांगनी पड़ी थी.

To Top