राजनैतिक

मायावती ने मोदी की केदारनाथ यात्रा पर साधा निशाना, जनहित और देशहित में फेल हुई केंद्र सरकार!

बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि जनहित और देशहित के मामलों में फेल होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भगवान के दर्शन और मंदिरों के चक्कर काटना शुरू कर देते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी की केदारनाथ और हरिद्वार यात्रा अपनी विफलताओं से जनता का ध्यान बंटाने के लिए ही है।

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बसपा प्रमुख मायावती ने पीएम मोदी की केदारनाथ यात्रा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जनहित और देशहित के मामलों में फेल होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भगवान के दर्शन और मंदिरों के चक्कर काटना शुरू कर देते हैं। माया ने कहा कि मोदी की केदारनाथ और हरिद्वार यात्रा अपनी विफलताओं से जनता का ध्यान बंटाने के लिए ही है।

बीएसपी के हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ के पदाधिकारियों की बैठक में मायावती ने कहा कि बीजेपी सरकार और पार्टी विफलताओं से ध्यान बंटाने के लिए धर्म का राजनीतिक इस्तेमाल लगातार कर रही है। इससे पहले बीजेपी नेता धर्म का इस्तेमाल चुनावी लाभ के लिए भी करते रहे हैं।

मायावती ने कहा कि पंजाब में तो बीजेपी अकाली दल गठबंधन सरकार से मुक्ति मिल गई है। हरियाणा में बीजेपी का कट्टरवाद और संकीर्ण राष्ट्रवाद प्रदेश को लगातार पीछे ढकेल रहा है। संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों और मंत्रियों की भाषा व व्यवहार संविधान की मंशा से मेल नहीं खाता। जिससे अनेकों गलत कारणों से हरियाणा की भाजपा सरकार सुखिर्यों में रहती है। वहां दलितों के साथ भी राज्य सरकार का रवैया न्यायपूर्ण और सहानुभूति का नहीं होने कारण उन वर्गों का शोषण और अन्याय पहले की तरह ही लगातार जारी है. मायावती ने कहा कि केंद्र व बीजेपी शासित राज्यों में भगवा तुष्टीकरण की नीति के कारण उससे जुड़े आपराधिक तत्वों को हर स्तर पर गलत संरक्षण दिया जा रहा है।

गौरतलब है उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने के दिन मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां पहुंचे थे पीएम ने वहां भगवान शिव की पूजा अर्चना की। उत्तराखंड के राज्यपाल डॉ कृष्णकांत पाल और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ मोदी ने करीब साढ़े नौ बजे फूलों से सजे मंदिर में प्रवेश किया और वहां करीब आधे घंटे तक भगवान शिव की विशेष पूजा रूद्राभिषेक में भाग लिया। इस दौरान प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज भी मौजूद रहे। प्रदेश के पर्यटन सचिव शैलेश बगोली ने प्रधानमंत्री को इस अवसर पर केदारनाथ मंदिर की एक प्रतिकृति भी भेंट की। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने भी मोदी को एक स्मृतिचिह्न दिया। श्रद्धालुओं के लिये सर्दियों में छह माह बंद रहने के बाद 11000 फीट से ज्यादा उंचाई पर स्थित केदारमंदिर के कपाट सुबह आठ बजकर 50 मिनट पर पारंपरिक रीति रिवाजों के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खोले गए।

प्रधानमंत्री ने वर्ष 2013 में आई भीषण आपदा में क्षतिग्रस्त हो गए और उनमें से कुछ पुनर्निर्मित हुए स्थानों को भी देखा और स्थिति का जायजा लिया प्रधानमंत्री के आने की खबर सुनकर मंदिर परिसर और उसके आसपास के स्थानों पर सुबह से जुटे श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को भी मोदी ने निराश नहीं किया और काफी देर तक हाथ हिला-हिलाकर उनका अभिवादन करते रहे। इस दौरान उन्होंने अपने पिता की गोद में मौजूद एक छोटी बच्ची से बात भी की। पिछले 28 साल में केदारनाथ के दर्शन करने वाले मोदी पहले प्रधानमंत्री हैं। इससे पहले वर्ष 1989 में तत्कालीन प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह केदारनाथ यात्रा पर आये थे।

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