धार्मिक

मटमैली गंगा

गंगा एक्शन प्लान अब नमामि गंगे परियोजना 1985 से अब तक गंगा जैसी कई विशाल परियोजनाएं गंगा के पानी जैसा पैसा बहाकर सागर में विलीन हो गई। गोमुख से निकली गंगा जैसी पवित्र परियोजना वास्तिवकता के तलहटी तक पहुँचते-२ मटमैली हो गयी..

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गंगा एक्शन प्लान अब नमामि गंगे परियोजना 1985 से अब तक  गंगा जैसी कई विशाल परियोजनाएं गंगा के पानी जैसा पैसा बहाकर सागर में विलीन हो गई।  गोमुख से निकली गंगा जैसी पवित्र परियोजना वास्तिवकता के  तलहटी तक  पहुँचते-२ मटमैली हो गयी, मेरी शिकायत सीधे तौर पर राजा भगीरथ से ही होती , अगर ये गंगा स्वर्ग से ही मटमैली होती, लेकिन क्या करें इंसानी जमात ने अपनी करतूतों  से इसे अपने सोच जैसा बना दिया।  अपनी  ही करतूतों के ख़मियाज़े के बदले हम जो ये सक्रियता और संवेदनशीलता दिखाते आ रहे है, क्या इसमें कही भरपाई के आसार है ? मुझे तो नही लगता  हाँ परियोजनाओं के सहारे नाम और दाम के आसार नज़दीक ही है।

हम इंसानो का भी क्या कहना एक बदूसरत करतूत, फिर छद्म संवेदना अति सक्रियता और फिर शोर करती ये लो माइलेज परियोजना आखिर में ढांक के तीन पात।

आसान होता अगर हम समय रहते अपने उत्तरदायित्व के सयंत्र में अपने आदतो को रिवर्स ऑस्मोसिस(आर वो) करते, और काम करते। मुझे अच्छा लगेगा अगर हम देर आये पर दुरस्त आये में अगर सही में दुरस्त  हो गए।  

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